इंटरनेट को आजतक की दुनिया की सबसे बड़ी तकनीक कहा जाए जिसने पूरी मानव जाति को बदलकर रख दिया है, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. इंटरनेट या जिसे अंतर्जाल भी कहा जाता है आखिर है क्या? इसका इतिहास, प्रकार, आविष्कार, उपयोग, प्रसार, भविष्य आदि कई सारी चीजों के बारे में इस आलेख में बात करेंगे.
NOTE- यह आलेख इंटरनेट की तरफ एक सामान्य परिचय (General Introduction) है जिसे एक निबंध यानि essay के रूप में लिखा गया है
वही पढ़ें जो आप पढ़ना चाहते हैं..
1. इंटरनेट क्या है? (Internet Meaning in Hindi)
अंतर्जाल यानि Internet दो शब्दों से मिलकर बना है- अंतर (Inter) यानि अंदरूनी और जाल (Net) यानि कनेक्शन.
विकिपीडिया इंटरनेट को इस तरह से परिभाषित करता है-
अन्तर्जाल एक वैश्विक कम्प्यूटर संजाल है जो विभिन्न प्रकार की सूचना और संचार सुविधाएँ प्रदान करता है, जिसमें मानकीकृत संचार प्रोटोकॉलों का उपयोग करके परस्पर जुड़े जाल-तन्त्र शामिल हैं।
सरल शब्दों में कहें, तो इंटरनेट दुनिया भर में फैले कंप्युटर्स का ऐसा जाल है जो एक दूसरे से कनेक्ट होकर जानकारी शेयर करते हैं।
इसका क्या अर्थ है इसे एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं:
उदाहरण के लिए, आप इस वेबसाइट पर आयें है। इसके लिए आपने अपने मोबाइल या कंप्युटर का इस्तेमाल किया होगा, जो कि एक कंप्युटर है। अब यह लेख जो आप पढ़ रहे हैं यह अमेरिका में स्थित एक Hosting Server पर स्टोर किया गया है, जो भी एक कंप्युटर है (लेकिन थोड़ा अलग प्रकार का)। इस तरह से आपका कंप्युटर उस होस्टिंग कंप्युटर से कनेक्ट हो चुका है और उस होस्टिंग कंप्युटर ने आपको आपके कंप्युटर को यह आर्टिकल शेयर कर दिया है जिसे आप अभी पढ़ रहे हैं। बस यही इंटरनेट है।
2. इंटरनेट का इतिहास (History of Internet)
1960 तक कंप्युटर काफी विकसित हो गए थे और कंप्युटर वैज्ञानिक कोई ऐसा तरीका खोज रहे थे जिससे एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर के बीच information शेयर की जा सके।
इस काम में पहली सफलता अमेरिकन Department of Defence (DoD) को मिली जब उसने UCLA और SRI International में रखे दो कंप्युटर्स के बीच संपर्क स्थापित किया गया। अमेरिकी रक्षा विभाग के इस प्रोजेक्ट को ARPANet (Advanced Research Projects Agency) के नाम से जाना जाता है।
1971 आते-आते अमेरिका में 15 से अधिक जगहों को इंटरनेट से कनेक्ट कर दिया गया। इसके अगले ही साल 1971 में इंटरनेट पर पहला email भेजा गया।
उस समय का इंटरनेट काफी प्राइवेट था और इस पर पूरी तरह से american government का नियंत्रण था। या फिर कह दें कि यह अमेरिकी सरकार की private property थी।
इसकी बाद से इंटरनेट का लगातार विकास हुआ। 1989 में Tim-Berners-Lee ने पहली बार World-Wide-Web (Web) का आविष्कार किया। वे उस वक्त CERN में scientist थे। हालांकि अगले 4 साल यह भी पूरी तरह से प्राइवेट रहा।
इंटरनेट के जिस स्वरूप को हम आज देखते हैं उसे 30 April 1993 को पहली बार जनरल पब्लिक के लिए लॉन्च किया गया और तब से अब तक यह लगातार विकसित होता जा रहा है।
a) इंटरनेट का आविष्कार कब हुआ? (When Internet Invented)
इंटरनेट का पहली बार आविष्कार 1969 में हुआ था हालांकि आम लोगों के लिए यह पहली बार 1993 में issue किया गया।
b) इंटरनेट का आविष्कार किसने किया? (Who Invented Internet)
इंटरनेट का जन्मदाता, फाउन्डर, या संस्थापक कोई एक व्यक्ति नहीं है बल्कि यह अमेरिकी सरकार के एक रक्षा प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित हुआ था जिसे ARPANet कहा जाता है।
हालांकि World Wide Web, जो public internet है उसके आविष्कार का श्रेय Tim-Berners-Lee को जाता है।
3. इंटरनेट के प्रकार (Types of Internet)
इंटरनेट को Network Configuration के आधार पर तीन प्रकार में बांटा जा सकता है-
Local Area Network (LAN)-
लोकल एरिया नेटवर्क किसी ऑर्गनाइज़ेशन का private internet होता है जिससे सिर्फ उसे organisation के systems जुड़े होते हैं। यह अक्सर School, College , Companies आदि में उपयोग किया जाता है।
Metropoliton Area Network (MAN)-
मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क किसी शहर का private internet होता है जिससे सिर्फ उसे शहर या इलाके के systems जुड़े होते हैं। यह अक्सर किसी local authority और सरकार द्वारा उपयोग किया जाता है।
Wide Area Network (WAN)-
वाइड एरिया नेटवर्क पूरी दुनिया का internet होता है इससे दुनिया में कोई भी जुड़ सकता है। हम सब इसका इस्तेमाल करते हैं और इसका कोई भी मालिक नहीं है।

4. इंटरनेट कैसे काम करता है? (How Internet works)
दो कंप्युटर्स को कई तरीके से आपस में जोड़ा जा सकता है ताकि उनके बीच संचार स्थापित करने के लिए संपर्क स्थापित किया जा सके। यह निम्न तरीकों से हो सकता है.
केबल के द्वारा (Via Wires or Cables)-
इंटरनेट चलाने का यह सबसे पुराना तरीका है, जिसमें आपका कंप्युटर दूसरे कंप्युटर से cables के माध्यम से संपर्क स्थापित करता है। पुराने जमाने में यह Dial-Ups व टेलीफोन लाइंस के द्वारा किया जाता था। विदेश तक संचार करने के लिए इसमें विभिन्न देशों के बीच समुद्र में cables बिछाई जाती है।
ब्रॉडबैंड के द्वारा ( Through Broadbond)-
ब्रॉडबैंड नए जमाने का एक high speed data transmission technology है जिसके द्वारा इंटरनेट को एक्सेस किया जाता है। इसमें cables, fibre optics और satellite का उपयोग किया जाता है।
वाईफ़ाई (WiFi)
Wifi बिना तार के माध्यम से इंटरनेट उपयोग करने की तकनीक है जो बेहद तेज गति की है।
जब आप गूगल में कुछ टाइप करते हैं तो यह गूगल के Server Computer में जाता है और उससे संबंधित जो भी जानकारी होती है वह आपके कंप्युटर में कोड के रूप में आ जाती है जिसे आपका browser (जैसे chrome) आपको decode करके दिखा देता है।
5. इंटरनेट के प्रोटोकॉल (Internet Protocol List)
इंटरनेट के अपने कुछ rules होते हैं जिन्हें हम protocols के नाम से जानते हैं। यह protocols इंटरनेट को सुचारु रूप से चलाते हैं तथा उसे एक सुरक्षित जगह बनाते हैं-
Hyper Text Transfer Protocols (HTTP):
Hyper Text का मतलब होता है एक वेबसाइट से। तो जब भी हम इंटरनेट पर कोई वेबसाइट में जाते हैं तो उस वेबसाइट को access करने के लिए HTTP प्रोटोकॉल हमारी मदद करता है।
HyperText HTML से संबंधित है जिसके बारे में आप यह लेख पढ़ सकते हैं।
6. इंटरनेट से जुड़े महत्वपूर्ण शब्द (Internet Terms Technology)
ये कुछ शब्द है जो इंटरनेट की दुनिया में अक्सर उपयोग किए जाते हैं:
World Wide Web (WWW)-
वर्ल्ड वाइड वेब या डबल्यूडबल्यूडबल्यू इंटरनेट का वह भाग है जिसे कोई भी व्यक्ति एक Web Browser की मदद से एक्सेस कर सकता है। वेब इंटरनेट पर सार्वजनिक जानकारी का भंडार होता है। यह जानकारी सभी लोगों के लिए उपलब्ध होती है।
WEBSITE-
वेबसाइट इंटरनेट पर जानकारी रखने का एक जरिया होती है। यह किसी की private property हो सकती है। वेब को अगर आप एक देश मानें तो वेबसाईट को आप अपना घर मान सकते हैं। जिस तरह एक देश का कोई मालिक नहीं होता उसी तरह WWW का भी कोई मालिक नहीं है लेकिन आपके घर की ही तरह आपकी website का भी मालिक होता है।
WEB BROWSER-
वर्ल्ड वाइड वेब का उपयोग करने के लिए आपके पास ब्राउजर होना चाहिए। इंटरनेट पर जानकारी Code के रूप में मौजूद होती है जिसे डिकोड करने के लिए वेब ब्राउजर की आवश्यकता पड़ती है।
SERVER
सर्वर एक प्रकार का कंप्युटर सिस्टम होता है जो खासतौर पर website को चलाने के लिए उपयोग होता है। जिस तरह से आप personal computer को अपने regular tasks को करने के लिए उपयोग करते हैं ठीक उसी तरह server website files को website पर आने वाले लोगों को serve करने में काम आता है।
URL
यूआरएल इंटरनेट पर रखे किसी information को access करने का एक unique address होता है। जिस तरह आपके घर तक पहुँचने के लिए आपका अड्रेस चाहिए होगा उसे तरह अगर आपको कोई website access करनी है तो उसका address चाहिए होगा। आपके घर का address किसी दूसरे के घर नया नहीं हो सकता, ठीक उसी प्रकार url भी यूनीक होता है ।
Read- यूआरएल क्या है समझाइए | What is URL in Hindi (Computer Notes)
TelNet
टेलनेट दूर स्थित किसी कंप्युटर को अपने पास रखे कंप्युटर से access करने की आजादी देता है।
More – टेलनेट क्या है? कैसे दूर स्थित कंप्युटर को कनेक्ट करें?
7. इंटरनेट के उपयोग एवं लाभ (Advantages and Uses of Internet)
इंटरनेट ने हामरे जीने के तौर-तरीके को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। आज से 20 साल पहले जिस तरह से हम जिया करते थे आज वह पूरी तरह से बदल चुका है और यह सब संभव हुआ है इंटर्नेट की वजह से, पेश हैं इसके कुछ उपयोग और फायदे-
सूचना और जानकारी प्राप्त करना (Quick Information Revolution)
इंटरनेट के माध्यम से हमें विश्वभर से विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ और जानकारी मिलती हैं, जैसे कि विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, समाचार, इतिहास, और अन्य विषयों पर।
ई-कॉमर्स और खरीददारी (e-commerce and online shopping)
इंटरनेट के माध्यम से हम ऑनलाइन खरीददारी कर सकते हैं, जिससे हमें अधिक विकल्प और आकर्षक छूटें मिलती हैं।
ईमेल और दूरसंचार (email and tele-communication)
इंटरनेट के जरिए हम आसानी से ईमेल भेज सकते हैं और विभिन्न साधनों का उपयोग करके दूरसंचार कर सकते हैं।
सोशल मीडिया और संवाद (Social Web)
इंटरनेट के माध्यम से हम विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर अपने दोस्तों, परिवार, और समुदायों से जुड़ सकते हैं, साथ ही उनसे संवाद कर सकते हैं।
ऑनलाइन शिक्षा और सीखना (Online Learning)
इंटरनेट की मदद से हम ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफ़ॉर्मों का उपयोग करके नए कौशल और ज्ञान का अध्ययन कर सकते हैं, जो हमारे व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में मदद करता है।
8. इंटरनेट उपयोग करने के नुकसान (Disadvantages of Internet)
इंटरनेट ने हमारी लाइफ हजार गुना आसान बना दी है। लेकिन वो कहते हैं ना (koi nahi kehta, maine khud banaya hai 😝) रोशनी की भी परछाई होती है (Even Light has shadow).. इंटरनेट के अधिक उपयोग ने भी हमारी ज़िंदगी में कुछ परेशानियाँ ला दी है..
गोपनीयता का खतरा (Privacy Concerns)
इंटरनेट पर व्यक्तिगत जानकारी और डेटा की गोपनीयता का खतरा हो सकता है। ऑनलाइन चोरी, डेटा लीक, ऑनलाइन धोखाधड़ी आदि की स्थितियाँ हो सकती हैं।
साइबर अपराध (Cyver Crime)
ऑनलाइन आपराधिक क्रिमिनल्स वेबसाइट हैकिंग, वायरस, मैलवेयर, फिशिंग, रैंसमवेयर आदि के माध्यम से लोगों के कंप्यूटर और डेटा को हमला कर सकते हैं।
ऑनलाइन शोषण और बुलींग (Online Bulling)
सोशल मीडिया पर शोषण और बुलींग की समस्या बढ़ सकती है, जिससे लोग भावनात्मक और मानसिक तनाव का सामना कर सकते हैं।
डिजिटल विभाजन (Digital Diversion)
इंटरनेट के अधिकतर लाभ उपलब्ध नहीं होते हैं सभी लोगों के लिए, जिससे डिजिटल विभाजन की समस्या हो सकती है।
समय की बर्बादी (Wastage of Time)
अधिक समय इंटरनेट पर बिताने से व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में समस्याएँ हो सकती हैं।
पर्यावरण का प्रभाव (Environmental Concerns)
इंटरनेट के उपयोग से इलेक्ट्रॉनिक खरीदारी, डिजिटल सामग्री का अधिक डाउनलोड आदि के कारण इलेक्ट्रॉनिक अपारत और प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग की समस्या हो सकती है।
व्यक्तिगत संबंधों की कमी (Weakening Personal Relations)
अधिकतर समय इंटरनेट पर बिताने से व्यक्तिगत संबंधों में कमी हो सकती है, क्योंकि लोग अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर में अधिक समय देते हैं।
9. इंटरनेट से जुड़े सामान्य सवाल (Common Questions about Internet):
इंटरनेट स्पीड टेस्ट क्या है?
इंटरनेट कितनी स्पीड से चल रहा है यह देखने के लिए किए जाने वाले टेस्ट को Internet Speed Test कहते हैं। Ookla नामक वेबसाइट इस मामले में काफी लोकप्रिय है।
इंटरनेट का मालिक कौन है? (Who owns Internet)
इंटरनेट दुनिया के कंप्युटर्स का समूह है जो एक-दूसरे से जुडते हैं ताकि जानकारी साझा कर सके। पब्लिक इंटरनेट का कोई मालिक नहीं है इससे कोई भी जुड़ सकता है। हालांकि बड़ी-बड़ी organisations के अपने private internet होते हैं जिन्हें सिर्फ वही acccess कर सकते हैं, इन्हें Intranet कहा जाता है।
इंट्रानेट (Intranet) vs इंटरनेट (Internet)
इंटरनेट से पूरी दुनिया जुड़ सकती है लेकिन इंट्रानेट private network होते हैं इनसे सिर्फ वही सिस्टम जुड़ सकते हैं जिन्हें एक्सेस हो।
Internet vs WWW
इंटरनेट का एक हिस्सा WWW है जहां पर public information को शेयर किया जाता है। हालांकि इंटरनेट काफी विस्तृत है और वहाँ पे बहुत सारी private entities भी होती है जिन्हें हर कोई नहीं देख सकता।
मसलन, मैंने आपको एक email भेजा या कहें WhatsApp message भेजा, तो वह भेजा तो इंटरनेट के द्वारा ही, लेकिन फिर भी उसे आपके अलावा कोई नहीं देख सकता।
लेकिन अगर मैंने Facebook पर कोई picture upload की तो उसे कोई भी देख सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह WWW पर है।
उम्मीद करता हूण अंतर्जाल के विषय में यह परिचय जानकारी सहायक रही होगी.
2 thoughts on “इंटरनेट या अंतर्जाल क्या है?- What is Internet in Hindi”