कोडिंग क्या है कैसे सीखें। What is coding in Hindi. कोडिंग के प्रकार, फायदे, सैलेरी आदि। क्या आप भी ये सारी चीजें जानना चाहते हैं, अगर हाँ तो चलिए जानते है कि आखिर ये कोडिंग चीज क्या है ?
क्या आपने कभी कोई app use किया है ? या फिर कोई वेबसाइट ? पैसे निकालने के लिए ATM तो use किया ही होगा। ये सभी चीजें कोडिंग से ही तो बनी हैं। कोडिंग का इस्तेमाल न सिर्फ app या फिर website बल्कि बड़ी-बड़ी चीजों जैसे हवाई जहाज, कार, अस्पतालों मे उपयोग होने वाली बड़ी-बड़ी आधुनिक मशीनों, ट्रैफिक लाइट आदि तक को बनाने में किया जाता है।
अब आपके मन मे यह सवाल आ रहा होगा कि कोडिंग से हम कैसे इतनी बड़ी-बड़ी चीजों को बना सकते हैं ? तो आइए जानते हैं कि आखिर कोडिंग है क्या ? और आप कैसे इससे सीख सकते हैं ?
वही पढ़ें जो आप पढ़ना चाहते हैं..
कोडिंग क्या है ? (What is Coding)
कोडिंग जिसे कंप्युटर कोडिंग या प्रोग्रामिंग भी कहते हैं, एक स्पेशल तरह कि भाषा है जो कि सिर्फ कंप्युटर ही समझ सकता है। आप इस तरीके से कोडिंग को समझ सकते हैं कि जैसे इंसान किसी भाषा के माध्यम से एक दूसरे को बोलते हैं और समझते हैं (जैसे – हिंदी , अंग्रेजी आदि), वैसे ही कंप्युटर की भी भाषा होती है जिसे वह समझता है और उसे हम कोड कहते हैं।
यदि कोई आदमी कोड लिख रहा है तो हम कहते हैं कि वह कोडिंग या प्रोग्रामिंग कर रहा है। चलिए जानते हैं कि आखिर कोड होता क्या है ?

कोड क्या है ? (What is Code)
कोड एक ऐसा instruction होता है जिसे कंप्यूटर और सिर्फ वह ब्यक्ति समझ सकता है जिसे वह भाषा आती हो।
जैसे कि नीचे दिया हुआ code एक HTML कोड है जिसे केवल computer और वही व्यक्ति समझ सकता है जिसे HTML आती हो।
<div name="container" >
<div name="child-1" >
<h1>
This is One
</h1>
</div>
<div name="child-2" >
<h1>
This is Two
</h1>
</div>
</div>
HTML सबसे आसान कोडिंग language मानी जाती है, जिसे आप बहुत कम समय में सीख सकते हैं। इसे सीख कर आप कोडिंग सीखने की शुरुआत कर सकते हैं।
Read more – HTML क्या है अर्थ समझाइए | Explained in Hindi [PDF]
कोडिंग क्या काम आती है ? (Use of Programming)
आजकल हर चीज में सॉफ्टवेयर है , आपके पास गाड़ी है उसमे ECU , ABS , ESC जैसे सॉफ्टवेयर हैं , मोबाइल फोन , लैपटॉप , स्मार्ट फैन जैसे सारी एलेक्ट्रॉनिक्स चीजों में सॉफ्टवेयर होता , बिना सॉफ्टवेयर के ये सारी चीजें नहीं चल सकती। और सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए कोडिंग का ही इस्तेमाल किया जाता है ।
कोडिंग का इस्तेमाल न केवल इलेक्ट्रानिक्स चीजों बल्कि websites , apps , games बनाने के लिए भी किया जाता है । लेकिन अगर आप अभी कोडिंग में नए हो तो आपको web या app डेवलपमेंट से शुरुआत करनी चाहिए ।
कोडिंग सीखने के क्या फायदे हैं ? (Benefits of Programming)
आजकल के इस आधुनिक दौर में कोडिंग ही एकमात्र ऐसी skill है जिसे सीखने के लिए आपको किसी डिग्री कि जरूरत नहीं है आप इसे घर बैठे फोन से ही सीख सकते हैं।
कोडिंग सीखने के कुछ प्रमुख फायदे नीचे दिए गए हैं –
- नए करियर अवसर : बेरोजगारी के इस दौर मे कोडिंग ही एकमात्र ऐसी skill है जिसकी कमी हमारे देश मे ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया मे है। एक रिपोर्ट की मानें तो 2026 तक सिर्फ भारत में ही 20 लाख सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कमी हो जाएगी। और बात करें अमेरिका की तो वहाँ वर्तमान में ही 15 से 20 लाख कर्मचारियों कि जरूरत है किन्तु लोगों और skill की कमी के कारण उन्हे दूसरे देशों से लोगों को बुलाना पड़ता है।
- घर बैठे पैसे कमाना – कोडिंग से आप website, app, game बना कर उनसे ऑनलाइन घर बैठे ही पैसे कमा सकते हैं।
- अच्छा वेतन : कोडिंग के कारण तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सामान्यतः अच्छी सैलरी होती है। कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में तकनीकी नौकरी में वेतन की संभावनाएं अच्छी होती हैं।
- रोजगार की उपलब्धता : तकनीकी और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में बढ़ती हुई मांग के कारण नौकरियों की उपलब्धता भी बढ़ रही है। कोडिंग का ज्ञान आपको इस मांग को पूरा करने में मदद कर सकता है।
- सुरक्षित भविष्य : कोडिंग सीखकर आप अच्छा पैसा तो कमा ही सकते हैं उसके साथ साथ अपना भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। कोडिंग जॉब्स की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ रही है और शायद ही यह कभी खतम हो।
कोडिंग कैसे सीखें ? (How to learn Coding)
कोडिंग सीखने के कई तरीके हैं। आइए जानते हैं कि कैसे कैसे आप कोडिंग सीख सकते हैं ?
घर बैठे कोडिंग कैसे सीखें ? (Learn Coding Online)
जरूरी नहीं कि कोडिंग सीखने के लिए आपको घर से बाहर जाना पड़े आप घर बैठे कोडिंग में महारथ हासिल कर अच्छी नौकरी पा सकते हैं। घर बैठे आप दो तरीकों से कोडिंग सीख सकते हैं, पहला है ऑनलाइन कोर्स खरीदकर और दूसरा फ्री मे कोडिंग। ऑनलाइन कोर्स खरीदने के लिए आप Udemy , WhiteHat Jr जैसे apps कि सहायता ले सकते हैं।
फ्री मे कोडिंग कैसे सीखें ? (Learn Coding Free)
यदि आप कोई कोर्स नहीं खरीदना चाहते हैं तो चिंता की कोई बात नहीं हैं, आप गूगल पर जाकर सर्च कर सकते हैं ‘फ्री मे कोडिंग सीखने के लिए वेबसाइट’ वह आपको कई सारी वेबसाइट बता देगा जिससे आप फ्री मे कोडिंग सीख सकते हैं। उदाहरण के लिए khan academy, Udemy, BitDegree, edx आदि ऐसी वेबसाइटें हैं जिनसे आप फ्री मे कोडिंग सीख सकते हैं।
आप कोडयोगी को जॉइन करके भी कोडिंग सीख सकते हैं। मैं खुद एक कोडर हूँ और मैंने कोडयोगी से ही कोडिंग सीखी है ।
कोडयोगी (CodeYogi) से फ्री में कोडिंग कैसे सीखें ? (Learn Coding from CodeYogi)
कोडयोगी एक community है जो आपको फ्री मे कोडिंग सिखाती है। यहाँ आपको 6 महीने तक लाइव क्लास के जरिए कोडिंग सिखाई जाती है।
आप इनकी वेबसाइट https://join.codeyogi.io/login पर जाकर login कर सकते हैं और फिर आपको मैसेज करके बताया जाएगा कि कब आप उन्हें कब जॉइन कर सकते हैं । आप इनके recorded lecture यूट्यूब पर भी देख सकते हैं। इनके यूट्यूब चैनल का नाम ‘CodeYogi’ है ।
बच्चों के लिए कोडिंग ? (Coding for kids in Hindi)
भविष्य में दिखते अवसरों को पाने के लिए आप अपने बच्चों को कोडिंग सिखाकर उनका भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं । कोडिंग से न केवल आपके बच्चे का भविष्य सुरक्षित होगा बल्कि उसकी तर्क शक्ति और गणित क्षमताओं का भी विकास संभव है।
वैसे तो बच्चों के लिए ऑनलाइन कई संसाधन उपलब्ध हैं लेकिन हम अभी कुछ चुनिंदा संसाधनों पर ही बात करेंगे जिसमे सबसे पहले नंबर पर आता है Khanacademy.
आप इस पोर्टल पर login कर सकते हैं और यहाँ आपका बच्चा न केवल कोडिंग बल्कि अन्य कई पढ़ाई से संबंधित चीजें सीख सकता है।
दूसरा जो संसाधन है वह है MIT Scratch यह एक वर्चुअल प्रोग्रामिंग टूल है जो कि specially उन्ही लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हे कोडिंग थोड़ी भी नहीं आती।
इसमें आप बस चीजों को ड्रैग और ड्रॉप करके ही कई आकर्षक चीजें बना सकते हो और इसको use करने के लिए आपको किसी अतिरिक्त ज्ञान कि आवश्यकता भी नहीं है ।
अब आप यह तो जान ही चुके हैं कि कोडिंग क्या है और इसे सीखने के क्या फायदे हैं , लेकिन वास्तव में आप कोडिंग क्यूँ सीखना चाहते हैं , आप कोडिंग करके क्या बनाना चाहते हैं ?
आपकी जानकारी के लिए आपको बता दूँ कि आप कोडिंग कई प्रकार से कर सकते हैं , कोडिंग से आप Apps, Websites और Games जैसे कई अलग अलग चीजें बना सकते हो।
तो इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद आपको खुद decide करना होगा कि आप किस प्रकार कि कोडिंग करना चाहते हो, तो चलिए जानते हैं कि आप कोडिंग कितने प्रकार से कर सकते हैं ?
कोडिंग के कितने प्रकार हैं ? (Types of Programming)
वैसे तो कोडिंग कई प्रकार की हो सकती है पर कोडिंग मुख्यतः 9 प्रकार कि होती हैं –
1. वेब डेवलपमेंट (Web Development):
वेब डेवलपमेंट का मतलब होता है web यानी websites और development यानी ` किसी चीज को बनाना `, मतलब वेब डेवलपमेंट में हम सीखते हैं कि websites कैसे बनायी जाती हैं।
वेब डेवलपमेंट में हम न केवल वेबसाइट बल्कि वेब एप्लीकेशन्स और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट भी सीखते हैं। इंटरनेट पर आप जो भी websites देखते हैं वे वेब डेवलपमेंट से ही बनी होती हैं। पहले के जमाने मे आप वेब डेवलपमेंट से बस छोटी ही websites बना सकते थे लेकिन आज आप facebook , google , youtube जैसी चीजें भी केवल वेब डेवलपमेंट से ही बना सकते हो ।
इसकी शुरुआत में, आप HTML और CSS जैसी सरल भाषाओं से शुरुआत कर सकते हैं, जो आपको वेब पेज के डिज़ाइन के बारे में सिखाएंगी। फिर आप JavaScript के बारे में सीख सकते हैं जिससे आप अपनी website को और भी अच्छा कर सकते हैं।
आप अगर आज के समय में वेब डेवलपमेंट सीखते हैं तो आपको आसानी से नौकरी मिल जाएगी। वर्तमान में बहुत सारी कंपनीयां हैं जो वेब डेवलपर को नौकरीयां दे रही हैं। इस क्षेत्र मे जॉब्स की कोई कमी नहीं है । आप एक अच्छा वेब डेवलपर बनके लाखों रुपए महिना कमा सकते हैं।
इसे जाने – HTML क्या है अर्थ समझाइए | Explained in Hindi [PDF]
2. मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट (Mobile Application Development):
क्या आपने कभी कोई मोबाइल app use किया है ? जैसे – WhatsApp , Instagram , Twitter , SnapChat आदि । क्या आपने कभी सोचा है कि कैसे इन apps को बनाया जाता होगा ?
मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट में मोबाइल फोनों और टैबलेट के लिए apps बनाए जाते हैं। इसमें एक विशेष प्लेटफॉर्म (जैसे Android या iOS) के लिए apps को विकसित करना पड़ता है। Android डेवलपमेंट के लिए JAVA और Kotlin जैसी भाषाओं का उपयोग किया जाता है, जबकि iOS डेवलपमेंट के लिए Swift और C जैसी भाषाओं का उपयोग किया जाता है।
3. गेम डेवलपमेंट (Game Development):
जैसा कि आप नाम से ही समझ सकते हैं कि इस प्रकार कि कोडिंग में विडिओ गेम्स और मोबाइल गेम्स बनाए जाते हैं । आपने Pubg Mobile या MineCraft तो खेला ही होगा ये सभी games गेम डेवलपमेंट से ही तो बने हैं।
Games बनाने के लिए गेम इंजन और प्रोग्रामिंग language का उपयोग किया जाता है। जैसे Unity एक गेम इंजन है जिसमें C# का use होता है। वैसे ही Unreal भी एक गेम इंजन है जिसमें C++ का use होता है।
गेम डेवलपमेंट सीखने के लिए आपकी गणित काफी अच्छी होनी चाहिए , अगर आप गणित मे कमजोर हैं तो पहले आप उसे मजबूत करें और फिर आप गेम डेवलपमेंट सीख सकते हैं।
4. डेटा साइंस (Data Science):
Data का अर्थ होता है ` सूचनाओं का संग्रह ` और Science का अर्थ तो आप जानते ही हैं ` विज्ञान ` , अर्थात सूचनाओं से जुड़े हुए विज्ञान को ही डेटा साइंस कहते हैं।
डेटा साइंस में हम डेटा का उपयोग करके महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। मान लीजिए आप एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के डेटा का विश्लेषण करना चाहते हैं , तो आप डाटा साइंस की मदद से यह जान सकते हैं कि कौन से प्रोडक्टस की बिक्री अधिक हो रही है और कौन से कम।
आप यह तक जान सकते हैं कि ग्राहकों की प्राथमिकता क्या है और वे किन उत्पादों को खरीदने में interested हैं।
डेटा साइंस का एक बहुत बड़ा part गणित भी है तो एक अच्छा डेटा साइनटिस्ट बनने के लिए आपकी गणित काफी अच्छी होनी चाहिए। और इसमें Python , SQL , Scala जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का भी उपयोग किया जाता है।
5. मशीन लर्निंग (Machine Learning):
मशीन लर्निंग एक ऐसी तकनीक है जिससे कंप्यूटर खुद से ही नई नई जानकारी सीखता है।
इसे ऐसे समझिए जैसे हमने computer को कुछ डेटा दिया जिसे उसने समझा और उस डेटा के आधार पर उसने हमें कुछ नई जानकारी दी।
इस तरीके से, आगे चलकर कंप्यूटर नए डेटा का विश्लेषण करके खुद ही निर्णय ले सकता है बिना हमारे निर्देश के।
मशीन लर्निंग तीन प्रकार से हो सकती है : सुपर्वाइज्ड लर्निंग (Supervised Learning), अनुपूर्वित लर्निंग (Unsupervised Learning), और सेमी-सुपर्वाइज्ड लर्निंग (Semi-Supervised Learning)।
मशीन लर्निंग में Python, R, Java, C++ जैसी programing languages का use होता है ।
7. इम्बेडेड सिस्टम डेवलपमेंट (Embedded Systems Development):
इम्बेडेड सिस्टम डेवलपमेंट एक आधुनिक तकनीकी क्षेत्र है जिसमें कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स को साथ मिलाकर छोटे और संक्षिप्त डिवाइस बनाने का काम किया जाता है।
इम्बेडेड सिस्टम डिवाइस आपके घर, कार, उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, और बहुत सी अन्य जगहों में उपयोग होते हैं। जैसे ड्रोन भी एक इम्बेडेड सिस्टम डिवाइस है। इसके अंदर कई सारी छोटी छोटी चिप्स लगीं होती हैं , जिन्हे रिमोट के द्वारा कंट्रोल किया जाता है ।
8. क्लाउड कम्प्यूटिंग डेवलपमेंट (Cloud Computing Development):
आजकल हममें से हर कोई आपने डाटा को बैकअप करने के लिए गूगल ड्राइव का उपयोग करता है जिसे हम किसी भी समय कहीं से भी किसी भी डिवाइस से वापिस प्राप्त या access कर सकते हैं। इसी तरह की टेक्नॉलजी को क्लाउड कम्प्यूटिंग कहा जाता है और इसे भी coding से ही बनाया जाता है।
9.सिस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट (System software development):
सिस्टम सॉफ्टवेयर वो सॉफ्टवेयर होते हैं जो कंप्युटर या मोबाइल जैसे डिवाइस के साथ पहले से ही installed आते हैं और इनके बिना डिवाइस को उपयोग नहीं किया जा सकता है। जैसे कि कंप्युटर में Windows और स्मार्टफोन में Android इसके कुछ पॉपुलर उदाहरण हैं।
मोबाइल से कोडिंग कैसे करें ? (Coding with Mobile)
ज्यादातर लोगों को लगता है कि कोडिंग सीखने के लिए आपके पास कोई लैपटॉप या डेस्कटॉप होना जरूरी है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आप शुरुआत में मोबाइल से घर बैठे ही आराम से कोडिंग सीख सकते हैं ।
मोबाइल से कोडिंग करने के लिए आपको बस एक app डाउनलोड करना होता है और आप कोडिंग start कर सकते हो।
यदि आप मोबाइल से Web Development करना चाहते हैं तो आपको Decoder, WebCode जैसे apps का use कर सकते हो और अगर आप App Development करना चाहते हैं तो Code Editor, CxxDroid और CppDroid जैसे apps का इस्तेमाल कर सकते हो।
कोडिंग लैंग्वेज कितने प्रकार की होती है ?(Types of Programming Languages)
कोडिंग सीखने के लिए जरूरी है कि आप पहले एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज चुनें , तभी आप कोडिंग कर सकते हो। तो चलिए जानते हैं कुछ प्रमुख कोडिंग लैंग्वेज के बारे में –
- HTML:- HTML एक कोडिंग लैंग्वेज है जिसका इस्तेमाल websites के ढांचे को तैयार करने में किया जाता है। यदि आप कोई Website बनाना चाहते हैं तो सबसे बेसिक language जो आपको आनी चाहिए वह HTML है ।
इसे जाने – HTML क्या है अर्थ समझाइए | Explained in Hindi [PDF] - CSS:- CSS का इस्तेमाल Websites को रंगीन व आकर्षक बनाने के लिए किया जाता है। इसका use हमेशा HTML के साथ किया जाता है ।
- JavaScript:- JavaScript एक popular प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसका उपयोग HTML और CSS से बनीं Website को logic देने के लिए किया जाता है। इसके उपयोग से आप अपनी Website पर एनिमेशन और स्लाइडर जैसी चीजें भी बना सकते हो। JavaScript का उपयोग वेब ब्राउज़र, वेब एप्लीकेशन, मोबाइल एप्लिकेशन और गेम डेवलपमेंट में किया जाता है।
- Python :- Python अभी के समय में सबसे popular प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। इसका सबसे ज्यादा उपयोग डेटा साइंस मे किया जाता है ।
- C-Language:- C लैंग्वेज आजकल use होने वाली languages में सबसे पुरानी लैंग्वेज है। Java, PHP, JavaScript और C++ के सिंटेक्स सभी C लैंग्वेज पर आधारित हैं।
- C++:- C++ सबसे पावरफुल लैंग्वेज है। इसका इस्तेमाल heavy कामों जैसे बड़े बड़े गेम्स और ऑपरेटिंग सिस्टम्स को बनाने में किया जाता है।
- JAVA:- Java का इस्तेमाल मुख्य रूप से apps बनाने में किया जाता है। Java को Sun Microsystems ने 90 के दशक में डेवलप किया था।
- Ruby :- Ruby का इस्तेमाल ज्यादातर वेब ऐप्लकैशन बनाने में किया जाता है। RUBY का सबसे ज्यादा उपयोग रेल वेब में किया जाता है।
कोडिंग सीखने के लिए वेबसाइट (Top websites to learn Coding)
प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखे के लिए आप इन platforms (websites) का use कर सकते हैं , मैंने खुद भी इन websites से काफी कुछ सीख है :
- W3schools
- Khan Academy
- GeeksforGeeks
- HackerRank
- freeCodeCamp
अगर आपको कोड से related कोई problem आती है तो आप problem solving के लिए Stack Overflow का इस्तेमाल के सकते हैं । जो कि एक platform है जहाँ से आप अपनी problem का solution खोज सकते हैं।
कोडिंग में करियर व सैलरी (Career and Salary in Coding)
कोडिंग अच्छे से सीखने के बाद आप किसी अच्छी कंपनी में वेब डेवलपर, सॉफ्टवेयर डेवलपर, एप डेवलपर, गेम डेवलपर, कंप्यूटर सिस्टम इंजिनियर, डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर, कंप्युटर प्रोग्रामर आदि नौकरी कर सकते हैं।
एक अच्छे प्रोग्रामर की भारत में शुरुआती सैलरी 18-20 हज़ार प्रति माह है और यदि आपको 3 से 4 साल का अनुभव है तो आप 1 से 1.5 लाख रुपए प्रति माह आसानी से कमा सकते हैं।
कोडिंग सीखने के लिए भारत की सबसे टॉप यूनिवर्सिटी (Top Universities to learn Programming)
- आईआईटी दिल्ली
- आईआईटी बॉम्बे
- नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली
- बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू), वाराणसी
- वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी
- दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी
- ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून
- बिट्स पिलानी
अन्य पढ़ें –
- कोडिंग क्या है कैसे सीखें ? (What is Coding and How to learn)
- HTML क्या है अर्थ समझाइए | Explained in Hindi [PDF]
- कंटेन्ट मार्केटिंग क्या है कैसे करें? | Content Marketing in Hindi (2022)
- घर बैठी महिलाओं के लिए 9 ऑनलाइन काम Online Work For Women From Home
हां, आपको बिना किसी कोडिंग डिग्री के जॉब मिल सकती है लेकिन उसके लिए आपको किसी online platform से कोडिंग सीखनी होगी या कोई 6-7 महीने का bootcamp कर सकते हैं जिससे आपको सर्टिफिकेट मिलेगा और उसे आप अपने interview में डिग्री की जगह पर दिखा सकते हैं ।
एक अच्छे प्रोग्रामर की भारत में शुरुआती सैलरी 18-20 हज़ार प्रति माह है और यदि आपको 3 से 4 साल का अनुभव है तो आप 1 से 1.5 लाख रुपए प्रति माह आसानी से कमा सकते हैं।
कोडिंग का इस्तेमाल websites, apps, games आदि चीजें बनाने के लिए किया जाता है।
nice
thanks bruh